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लौट आओ पवनकुमार | Laut Aao PawanKumar | Hanuman Bhajan | संजीवनी कथा भजन | Hanuman Song

2025-12-23 9 Dailymotion

🙏 जय श्रीराम! जय हनुमान!<br /><br />यह नया हनुमान भजन “लौट आओ पवनकुमार”<br />लक्ष्मण मूर्छा और संजीवनी पर्वत की पावन कथा पर आधारित है।<br />इस भजन में श्रीराम की करुण पुकार,<br />पवनसुत हनुमान का अद्भुत पराक्रम<br />और भक्ति, सेवा तथा वीरता का भाव प्रकट होता है।<br /><br />✨ Bhajan Highlights:<br />• संजीवनी पर्वत की कथा<br />• भक्ति और वीर रस का संगम<br />• सरल एवं शुद्ध हिन्दी शब्द<br />• राम–हनुमान भक्ति के लिए श्रेष्ठ भजन<br /><br />🚩 यह भजन मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती,<br />सुबह की पूजा और राम भक्ति के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।<br /><br />This new Hanuman hymn, "Laut Aao PawanKumar," is based on the sacred story of Lakshman's unconsciousness and the Sanjivani mountain.<br />This hymn reveals the compassionate cry of Lord Rama, the amazing prowess of the son of the wind, Hanuman, and the spirit of devotion, service, and valor.<br /><br />✨ Bhajan Highlights:<br />• The story of Mount Sanjivani<br />• Confluence of devotion and heroic charm<br />• Simple and pure Hindi words<br />• Best bhajans for Ram–Hanuman devotion<br /><br />🚩 This bhajan is especially suitable for Tuesdays, Saturdays, Hanuman Jayanti, morning prayers and Ram Bhakti.<br /><br />अगर आपको यह भजन पसंद आए, तो इसे लाइक करें, अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर करें, और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें।<br />If you enjoy this bhajan, don't forget to like, share, and subscribe to our channel for more spiritual songs.<br /><br />Lyrics:<br />-------- लौट आओ पवनकुमार ---------<br /><br />जय जय राम…<br />जय जय हनुमान…<br />पवनसुत बलवान…<br /><br />लौट आओ पवनकुमार,<br />श्रीराम तुम्हें बुलाते हैं।<br />लखन के बचा लो प्राण,<br />श्रीराम तुम्हें बुलाते हैं।<br /><br />गए थे तुम संजीवन लाने,<br />पर्वत पार कर आए।<br />घोर अंधेरा छाया वन में,<br />पल-पल प्राण घबराए।<br /><br />सेना देखे राह तुम्हारी,<br />मन सबका बेचैन।<br />श्रीराम निहारें नभ की ओर,<br />बीते हर एक चैन।<br /><br />लखन पड़े हैं मूर्छित होकर,<br />श्वास बहुत धीमी।<br />भैया की यह दशा देखकर,<br />रो उठे रघुवीरा।<br /><br />कौशल्या के लाल हैं लखन,<br />माता के अरमान।<br />हे पवनसुत जल्दी आ जाओ,<br />बचाओ उनके प्राण।<br /><br />रात कटे ना पल भर भी,<br />नयन थके हैं देख देख।<br />दिशा-दिशा में आशा खोजे,<br />सबकी रुकी है टेक।<br /><br />डर है कहीं न टूट जाए,<br />जीवन की यह डोर।<br />हे अंजनि के लाल कृपाकर,<br />अब तो कर दो भोर।<br /><br />लालिमा संग गगन में चमके,<br />पवनसुत की छाया।<br />संजीवन लेकर लौटे वीर,<br />मंगल घड़ी फिर आया।<br /><br />लखन उठे, सेना जागी,<br />जय जयकार गूँज उठी।<br />धन्य हुए श्रीराम के दास,<br />भक्ति अमर हो गई।<br /><br />जय जय हनुमान बलवीरा,<br />जय रघुनंदन के दास।<br />संकट मोचन पवनसुत,<br />तू ही सबका विश्वास।<br /><br />जय जय राम…<br />जय जय हनुमान…

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